Wednesday, February 11, 2009

बिहार - कितने गाँव , कितने बच्चे और कितने हाई स्कूल ?

स्वप्न सा है वह सब कुछ जो बिहार के भूगोल में आज हो रहा है ।
पर यह समझने के लिए बिहार के वर्तमान सन्दर्भ को देखना पडेगा ।
क्या है बड़ी तस्वीर ?
वर्त्तमान जनसंख्या तक़रीबन साढे नौ से दस करोड़ , 75 से 80 फीसदी ग्रामीण आबादी।
डिविजन 9,
जिले 38,
सब डिविजन १०१ ,
सामुदायिक विकास प्रखंड 534 ।
पंचायत ८४७१
राजस्व ग्राम 45103 ( जिसमे कुछ बे- चिरागी होंगें )
शहरी क्षेत्र ९
शहर 130
हर राजस्व ग्राम के दायरे में कई सामान्य ग्राम और टोले अर्थात ग्रामीण बसाहट या सामान्य गाँव की कुल संख्या लगभग साठ हजार ।
और मोटे तौर पर 1682 सरकारी और कहें तो 2000 गैर सरकारी हाई स्कूल ।
कुल योग 3682
बिहार की समस्त ग्रामीण आबादी के लिए कितने हाई स्कूल हुए ?
बिहार की कुल जनसँख्या का २०% ( 1।6 करोड़ ) हिस्सा छः साल से नीचे है ।
ये बच्चे कल को किशोर होंगें ।
बिहार के भूगोल में रहने वाले यही किशोर इस बदहाल राज्य के कल के भाग्य विधाता बनेंगें ।
और इनको पूरे देश के शहरों में मजदूरी कर जीवन यापन और जहालत की जिंदगी नहीं व्यतीत करना है तो आप ख़ुद अंदाज लगाएं की कितने और हाई स्कूल खोलने की जरूरत पड़ेगी ?
खैर बिहार में फिलहाल जो कुछ भी हो रहा है वह किसी स्वप्न से कम नहीं है।
खुदा करे यह स्वप्निल दौर चलता रहे ।

2 comments:

उपाध्यायजी(Upadhyayjee) said...

बहुत बढ़िया जानकारी। लेकिन ऐसा लगा कि आप बुझे मन से लिख रहे हैं। ये स्वप्न हमेशा बने रहेगा। एक दम चहचहाते हुए जानकारी देते रहिए।

Kaushal Kishore , Kharbhaia , Patna : कौशल किशोर ; खरभैया , तोप , पटना said...

उपाध्यायजी , ब्लॉग पर आने और उत्साहवर्द्धक टिपण्णी के लिए मैं आभारी हूँ.
मैंने यह लेख बुझे मन से नहीं लिखा है .बिहार में इतना कुछ हो रहा है , यह हम सब के लिए असीम आनंद और हर्ष की बात है. मैं इस बात को चर्चा के दायरे में लाना चाह रहा था की बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में चुनौती कितनी बड़ी है. अगर हमें उठ कर दौड़ना है तो और क्या क्या करना अभी बाकी है .saadar